भोपाल में काम करना हमेशा बहुत सुकून देता है : अंजना सिंह 

भोजपुरी फिल्मों की टॉप और हॉट एक्ट्रेस में शुमार हो चुकीं फिल्म अभिनेत्री अंजना सिंह इन दिनों फिल्म घर-घर की कहानी की शूटिंग के सिलसिले में भोपाल में हैं। अंजना ने 2012 में सीरियल से अभिनय की दुनिया में कदम रखा और कुछ ही दिनों में बड़े पर्दे पर अपना जलवा बिखेर दिया। इन आठ सालों में वे करीब 38 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुकी हैं।

इस दौरान फिल्म जिगर के लिए उन्हें मलेशिया और लंदन में बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड भी मिल चुका है। अपनी मेहनत ,टेलेंट और खूबसूरती के दम पर दर्शकों के दिल पर अलग छाप छोड़ने वाली इस अभिनेत्री से Agnito Today ने विशेष बातचीत की। 
 
बहुत सपोर्ट करते हैं भोपाल के लोग : 
शूटिंग के सिलसिले में इससे पहले भी एक बार एक बार भोपाल आ चुकी हूं। यहां के लोग बहुत सपोर्टिव हैं। पिछली बार भी बहुत अच्छा एक्सपीरियंस था। इस बार भी लोगों से काफी मदद मिली है। इसके पहले पिछले साल फिल्म हथकड़ी-2 की शूटिंग भी भोपाल में हुई थी।
जिसमें में लीड एक्ट्रेस थी। इन दोनों ही फिल्माें के डायरेक्टर रवि सिन्हा हैं। जिनसे शूटिंग के दौरान बहुत सपोर्ट मिलता है।

साथ ही भोपाल में काम करते समय बहुत सुकून का माहौल होता है। मेट्रो सिटीज से इतनी शांति से शूटिंग नहीं हो पाती है। वहीं यहां की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता हमेशा से ही मन-मोह लेती है।

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भोजपुरी फिल्म के लिए अवार्ड मिलना गर्व की बात 
भोजपुरी फिल्मों की ऑडियंस लिमिटेड होती है। इसलिए काम करने की चुनौती भी बढ़ जाती है। इस दौरान यदि आपके काम की कोई सराहना करे तो बहुत खुशी मिलती है। मुझे फिल्म जिगर के लिए अवार्ड मिला था। उस समय बहुत खुशी हुई थी। जब हम कोई काम करते हैं और उसको लोग पसंद करते हैं तो अच्छा लगता है।


उस फिल्म में दिनेश लाल यादव हीरो थे। वह फिल्म मेरे लिए बहुत खास है। उसके गाने भी बहुत अच्छे थे और सचमुच वो बहुत अच्छी फिल्म बनी थी। 

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बेटी को पसंद है मतलब सही कर रही हूं : 
लोगों को अभिनय में मजा आए इसके लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। कैरेक्टर के अनुसार खुद को ढालना पड़ता है। जैसी स्क्रिप्ट होती है, उसके आधार पर तैयारी करते हैं। हर बार डायरेक्टर स्क्रिप्ट के अनुसार जैसी डिमांड करते हैं। वैसी ही हमें तैयारी करनी पड़ती है, ताकि कैरेक्टर को अपने अनुरूप ढाल सकें। 

मेरी बेटी अदिति भी मेरा अभिनय पसंद करती है। अपने स्मार्टफोन में अक्सर छुपकर मेरी फिल्में और मेरे गाने देखती है। बेटी को मेरा
अभिनय पसंद है। इसका मतलब मैं अच्छा अभिनय कर रही हूं, जो लोगों को भी पसंद है।

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एक्टिंग सीख कर ही फिल्मी दुनिया में कदम रखें :
आजकल के कई युवा छोटे और बड़े पर्दे पर कदम रखना चाहते हैं। उनको मैं केवल इतना कहना चाहूंगी की कि वे पहले अपनी स्टडी करें। अगर अभिनय की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं तो पहले पूरी ट्रेनिंग लें। डांस सीखें, अभिनय सीखें फिर आपकी मेहनत और आपका भाग्य आपको सफल जरूर बनाएगा।