चाय के लिए अब बिस्किट कप, काब्रोहाइड्रेट की एनर्जी के साथ पर्यावरण की रक्षा

ठंड के दिनों में गर्मागर्म चाय या कॉफी किसे अच्छी नहीं लगती? लेकिन आज के दौर में कई बार हमें चाय-कॉफी डिस्पोजल ग्लास या कप में पीनी पड़ती है। जो अक्सर प्लास्टिक या थर्माकोल का होता है। जानकार बताते हैं कि ये प्लास्टिक या थर्माकोल एनवायरमेंट के लिए तो खतरनाक है ही, लेकिन मानव शरीर पर भी यह कई तरह के दुष्प्रभाव छोड़ते हैं। ऐसी ही समस्याओं को देखते हुए पिछले 5 सालों में ईको फ्रेंडली प्रोडक्ट की मांग बाजार में तेजी से बढ़ने लगी है। 

लेकिन ये ईकोफ्रेंडली प्राेडक्ट भी यूज करने के बाद किसी काम के नहीं रहते, अक्सर इन्हें डी कम्पोस होने के लिए खुले में ही छोड़ दिया जाता है। जिसके बाद या तो इन्हें जानवर अपना चारा बनाते हैं या फिर इनकी खाद बनाई जाती है, लेकिन हाल ही के दिनों में इससे भी आगे बढ़ते हुए Edible Cutlery Product (खा सकने योग्य कप-प्लेट) को बनाया जाने लगा है, जिसमें चाय या काॅफी पीने के बाद इसे बिस्किट की तरह खाया भी जा सकता है। 


फूड रहेगा ताजा मिलेगा कार्बोहाइड्रेट : 
भोपाल के हषवर्धन नगर में रहने वाले 19 साल के शरण्य श्रीवास्तव Edible Cutlery Product पर पिछले कुछ महीनों से शोध कर रहे हैं। शरण्य बताते हैं कि भारत सहित दुनिया के कुछ देशों में ऐसे कटलरी प्रोडक्ट बनाए जा रहे हैं, जिन्हें उपयोग करने के बाद बिस्किट की तरह खाया जा सकता है। इसकी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने ऐसे प्रोडक्ट्स पर शोध करना शुरू किया। वर्तमान में शरण्य ने डिस्पोजल कप के अलावा, चम्मच, फोक्स, छोटी और बड़ी प्लेट्स को बनाने की तकनीक खोज ली है। 

शरण्य के अनुसार ये कटलरी प्रोडक्ट आपकी चाय-काफी और फूड को ताजा तो रखते ही हैं। साथ ही ये कार्बोहाइड्रेट का भी बेहतरीन स्रोत हैं। क्योंकि इन्हें बनाने के लिए मुख्य रूप से गेंहू का उपयोग किया जाता है।  


स्वीट एंड सॉल्ट वैरायटी में होंगे उपलब्ध : 
बिस्किट्स कप दो तरह के वैरायटी स्वीट (मीठा) और सॉल्ट (नमकीन) में उपलब्ध होंगे। हर व्यक्ति अपने टेस्ट के अनुसार इसमें चाय पी सकेगा। स्वीट वैरायटी में प्लेन, चॉकलेट, रोज़, वैनीला जैसे फ्लेवर्स मिलेंगे। वहीं सॉल्ट वैरायटी में प्लेन, जीरा, अजवाइन जैसे फ्लेवर्स को उपलब्ध कराया जाएगा। 

इन्हें बनाने के लिए मुख्य रूप से गेंहू, नमक, गुड़, जीरा, अजवाइन, चॉकलेट और अलग-अलग फ्लेवर्स का उपयोग किया जाएगा। शरण्य के अनुसार फरवरी तक सभी तरह के फ्लेवर्स वे भोपाल में कहीं भी उपलब्ध करा सकेंगे। 


190 दिन तक नहीं होगा खराब : 
शरण्य के अनुसार प्रोडक्शन के बाद यदि इन्हें सावधानी पूर्वक पैक कर दिया जाए तो ये प्रोडक्ट 190 दिन तक खराब नहीं होते हैं। वहीं यदि ये हाथ से छूटकर जमीन पर गिर जाए तो इसमें टूट-फूट की संभावना भी कम है। गर्म चाय या काॅफी रखने के बाद ये 25 से 30 मिनट तक गलता भी नहीं है। साथ ही इसका उपयोग फ्रूट जूस और छाछ, लस्सी और दूध के साथ भी किया जा सकता है। 

वहीं प्लेट्स का उपयोग चाट वाले कर सकते हैं। इसी में एक बड़ी प्लेट भी बनाने का विचार कर रहे हैं, जिसमें खाना भी खाया जा सकेगा। उपयोग होने के बाद इसे किसी जानवर को भी खाने के लिए दे सकते हैं। नदी या तालाब में फेंकने पर भी इन्हें मछलियां इन्हें खा लेंगी। 


प्रकृति को संरक्षित करने का कदम : 
भारत में रोजाना 26 हजार टन सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग होता है। वहीं प्लास्टिक को पूरी तरह से डिकम्पोस होने में 500 साल का समय लगता है। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि प्लास्टिक अब इंसान की फूड चेन में भी शामिल हो गया है। जिसके कारण लोगों को हर साल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां भी हो रही हैं। ऐसे में Edible Cutlery Product पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक क्रांति ला सकता है।

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