साइकिल पर ही जंगल कैम्पिंग, बोरिंग लाइफ से आजादी के साथ स्वस्थ शरीर

तू हर मोड़ पर रुक रुक कर संभलता क्यों है...?
इतना डरता है तो फिर घर से निकलता क्यों है...?
जंगल की जमीं होती ही है साइकिल संभालने को...!
लेकिन ये सब यहीं आकर फिसलते क्यों हैं...?

साइकिलिंग के प्रति ऐसी ही कुछ दीवानगी का आलम भोपाल के द पैडल मार्च ग्रुप के मैंबर्स में देखा जा सकता है। इस ग्रुप के सभी मैंबर्स अपने दिन भर के काम काज से फ्री होने के बाद रात को साइकिलिंग के लिए निकलते हैं और अगर ये रात वीकेंड की हो, तो इन सभी के लिए सोने पर सुहागा। वीकेंड पर इकट्‌ठा होकर पूरा ग्रुप शहर के बाहर आउटिंग के लिए निकल जाता है। 


इस दौरान ये सभी लोग समरधा, केरवा, रायसेन, विदिशा, कोलार और अन्य जगहों के जंगलों में जाकर साइकिलिंग कर चुके हैं, लेकिन साइकिल के प्रति दीवानगी अभी खत्म नहीं हुई है। कई बार साइकिल पर ही कैम्पिंग के लिए निकल जाते हैं। इसके अलावा पूरा ग्रुप नई-नई लोकेशन्स की तलाश में रहता है। इन सभी लोगों का साइकिलिंग के प्रति ऐसा जुनून है कि सभी लोग 200 किमी तक का सफर भी साइकिल से ही तय कर लेते हैं। 

सेफ्टी का भी रखते हैं खास ध्यान : 
ग्रुप में 25 से लेकर 60 साल तक के मैंबर्स शामिल हैं, जो रोजाना 25 से 30 किमी तक साइकिलिंग करते हैं। साथ ही वीकेंड में 60 से 100 किमी तक की साइकिलिंग करते हैं। इस दौरान सभी लोग सेफ्टी का खास ध्यान रखते हैं। साइकिलिंग के दौरान सभी लोग खास तौर पर तैयार हेलमेट और नी पैड लगाते हैं।

साथ ही सबकी साइकिल पर एलईडी हेडलाइट और एलईडी टेल लाइट भी लगी है, ताकि 400 मीटर दूर से आ रहे वाहन भी आराम से साइकिल को देख सकें। टूर के दौरान इस बात का भी खास ध्यान रखा जाता है कि सभी मैंबर एक साथ ही साइकिल पर आगे बढ़ें। 

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सबको बराबर कर देती है साइकिल : 
इस ग्रुप में हर तरह के लोग साथ मिलकर साइकिलिंग करते हैं, जिनमें बिजनेस मैन और नौकरीपेशा लोग भी शामिल हैं। सीनियर मेंबर मुकेश शर्मा और सुनील महाजन आईटी एक्सपर्ट हैं। वहीं संदीप राउत, राकेश सिंह, गगन साहू और धीरज सिंह मल्टीनेशनल कंपनी के लिए काम करते हैं। इनमें से कुछ लोग रोजाना साइकिल पर ही अपने ऑफिस जाते हैं। इनके अलावा विक्रम यादव, प्रदीप हीरानी, सुदीप दास, दीप्ति शर्मा, सुमित लालचंदानी, अंकुर शर्मा, महेन्द्र गोगिया, नरेन्द्र मेंघवानी, पंकज रावत और रवि कामदार भी शामिल हैं। 


इन सभी की साइकिल को दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी आमिर खान की है। आउटिंग पर जाने से पहले सभी साइकिल्स को तैयार करना आमिर की जिम्मेदारी है। कई बार तो आमिर ग्रुप के साथ ही आउटिंग पर चले जाते हैं। इस दौरान यदि साइकिल में किसी तरह की खराबी आ जाए तो उसे ठीक करना भी आमिर की ही जिम्मेदारी है। 

साइकिलिंग के लिए करते हैं अपील : 
ग्रुप के सभी लोग अन्य लोगों से भी साइकिलिंग शुरू करने के लिए अपील करते हैं। सीनियर मेंबर्स के अनुसार साइकिल आपके शरीर को तो दुरुस्त रखती ही है। इसके कारण एक ही समय में आपकी अच्छी एक्सरसाइज भी हो जाती है। वहीं पॉल्यूशन को कम करने के लिए साइकिल एक बहुत अच्छा साधन साबित हो सकती है। क्योंकि साइकिल आवागमन का एक ऐसा साधन है, जो कार्बन फुटप्रिंट को जीरो कर देती है।

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