50 साल से लोगों को अंडे के पकौड़े खिला रहा है संत नगर का नीलम चाट

संत हिरदाराम नगर स्थित नीलम चाट भंडार पूरे भोपाल में अपने नॉन वेजिटेरियन पकौड़ों के लिए प्रसिद्ध है। यहां सबसे ज्यादा डिमांड अंडे के पकौड़े की रहती है। इसके अलावा कीमे का पकौड़ा और कीमा और ब्रेड भी लोगों को खासा पसंद है। साथ ही वेजिटेरियन लोगों की पसंद का भी यहां विशेष ध्यान रखा गया है। जिसमें आलू की टिकिया, मसाले की टिकिया, मिर्च पकौड़ा, ब्रेड पकौड़ा, पकौड़ियों के अलावा समोसा और कचौड़ी भी विशेष रूप से बनाए जाते हैं। नीलम चाट की नींव आज से 5 दशक पहले आशाराम बेलानी ने रखी थी। आज वे तो इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी इस विरासत को उनके बेटे आगे बढ़ा रहे हैं।

अंडा पकौड़ा ही है पहचान :

50 सालों से नीलम चाट पर काम करने वाले 65 वर्षीय बुजुर्ग नारूमल बताते हैं कि जब वे 15 साल के थे तो उन्होंने यहां काम करना शुरू कर दिया था। शुरुआत में अंडे का पकौड़ा 1 रुपए का बाकी सारी वैरायटी आठाने में बेचते थे। वहीं पकौड़ियां चवन्नी की 50 ग्राम बेचते थे।

(नारूमल पिछले 50 सालों से निरंतर अंडे के पकौड़े बना रहे हैं।)
जैसे जैसे महंगाई बढ़ती गई खाने पीने की चीजों के दाम भी बढ़ते गए। आज अंडे का पकौड़ा 12 रुपए का बेच रहे हैं। यहां की फूड क्वालिटी और टेस्ट को नारूमल ही फाइनल करते हैं।
पिता की विरासत को चंद्रप्रकाश बढ़ा रहे हैं आगे :
आशाराम बेलानी जी के स्वर्गवास के बाद उनके बेटे चंद्रप्रकाश पिता की इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। चंद्रप्रकाश बताते हैं कि रोजाना 200 से ज्यादा अंडे की टिकिया बनाते हैं। इसके अलावा अन्य वैरायटी भी इसी मात्रा में बनाई जाती है।
शाम तक सब बिक जाता है। यह लोगों का प्यार ही है, जो उन्हें इस कार्य को निरंतर आगे बढ़ाने में मदद कर रहा है। इसके अलावा यहां की मावा बाटी भी काफी प्रसिद्ध है, जिसका स्वाद चखने दूर दूर से लोग आते हैं। 

(इस तरह दिखता नीलम चाट का प्रसिद्ध अंडे का पकौड़ा)
ऐसे बनता है अंडा पकौड़ा :
अंडा पकौड़ा बनाने के लिए उबले अंडों को खड़ी स्थिति में दो भागों को काटा जाता है, जिसके बाद हरे धनिया, पुदीना और खटाई डालकर तैयार किए गए विशेष मिश्रण से अंडे को कवर किया जाता है। फिर इसे बेसन के गाढ़े घोल में लपेटकर तेज आंच पर गहरा भूरा होने तक तल लिया जाता है, जिसे बाद में हरी चटनी, मिर्च और बारीक कटी प्याज के साथ सर्व किया जाता है।

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