कोवैक्सीन...! कोरोना वैक्सीन ट्रायल के बाद से ही बीमार पड़ रहे वॉलेंटियर

एक ओर सरकार 16 जनवरी से कोरोना की वैक्सीन कोवैक्सीन और कोवीशील्ड का वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी में है। वहीं दूसरी ओर इसके कारण वॉलेंटियर के लगातार बीमार होने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

शनिवार को Agnito Today ने छोला के शंकर नगर और उड़िया बस्ती जाकर ऐसे लोगों की खोज की, जो वैक्सीनेशन के बाद से ही बीमार हैं। तो काफी संख्या में ऐसे लोग सामने आए, जो पहले दौर के वैक्सीनेशन के बाद बीमार पड़ गए और उन्होंने दूसरी वैक्सीन लगवाई ही नहीं।

टीका लगवाने के बाद से ही फीवर :

उड़िया बस्ती में रहने वाले 70 साल के मान सिंह परिहार ने बताया कि टीका लगवाने के बाद से ही उन्हें लगातार फीवर और जुकाम बना हुआ है। पीपुल्स जाकर चेक कराया तो उन्होंने अस्पताल में भर्ती होने को कहा। लेकिन किसी अनहोनी के डर से घर पर रहकर ही इलाज करवा रहे हैं।

परिवार के सभी सदस्यों को एसिडिटी की समस्या :

उड़िया बस्ती में रहने वाले 37 साल के मोहन जाटव ने पिछले माह 750 रुपए मिलने की बात सुन वैक्सीन ट्रायल में हिस्सा लिया था। उनके साथ मां, पत्नी और परिवार के दो अन्य सदस्य भी वॉलेंटियर बने थे, लेकिन इंजेक्शन लगने के बाद से ही सबको एसिडिटी और पेट फूलने की समस्या है। सभी को 10 जनवरी को ट्रायल के लिए पीपुल्स जाना है, लेकिन सभी ने अस्पताल जाने से इंकार कर दिया है।

हाथ में सूजन के बाद अब गर्दन में भी जकड़न :

वहीं 1 जनवरी को दूसरा टीका लगवाने के बाद से ही शंकर  नगर की 37 वर्षीय हीरा बाई की गर्दन में भी जकड़न है। 1 जनवरी को सबसे पहले उनकी समस्या को Agnito Today ने ही प्रकाशित किया था, लेकिन उसके बाद से उनकी समस्या बढ़ी है।

हीरा बाई बताती हैं कि दर्द के कारण कई बार उनकी गर्दन में भी जकड़न हो रही है। हालांकि हाथ की सूजन और दर्द में पहले से आराम है।

बड़ी संख्या में आ रहे साइड इफेक्ट्स के मामले :

कोवैक्सीन ट्रायल के बाद से ही साइड इफेक्ट्स के काफी मामले सामने आए हैं। इसके पहले शुक्रवार को 47 साल के दीपक मरावी की मौत की खबर के बाद हड़कंप मच गया था। दीपक 12 दिसंबर को कोवैक्सीन ट्रायल का हिस्सा बने थे और 21 दिसंबर को उनकी मौत हो गई थी। हालांकि उनकी मौत की खबर मीडिया में शुक्रवार देर रात सामने आई।

वैक्सीन का दुष्प्रभाव पहले 48 घंटे में ही दिखता है :

किसी भी वैक्सीन का यदि कोई दुष्प्रभाव होता है, तो वह इंजेक्शन लगने के 24 से 48 घंटे के बीच दिखता है। मंत्री से पहले मैं एक डॉक्टर हूं। इसलिए इस बात को पूरी विश्वसनीयता के साथ बोल सकता हूं।

प्रभुराम चौधरी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मप्र शासन

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