कोरोना वैक्सीन वॉलेंटियर्स का आरोप, पीपुल्स की मेडिकल टीम ने बिना बताए ही लगा दिया टीका

पीपुल्स मेडिकल कॉलेज द्वारा भारत बायोटेक लिमिटेड के कोवाक्सिन वैक्सीन परीक्षण में गंभीर लापरवाही बरती गई है। ऐसा आरोप छाेला स्थित शंकर नगर और उड़िया बस्ती के लोगों द्वारा लगाया गया है। रहवासियों के मुताबिक उन्हें बिना बताए ही वैक्सीन का परीक्षण कर लिया गया। मेडिकल कॉलेज द्वारा भेजी गई टीम द्वारा न तो उन्हें ट्रायल की जानकारी दी गई।

साथ ही जिन लोगों को वैक्सीन के बाद समस्या हो रही है, न ही उनके इलाज का प्रबंध मेडिकल कॉलेज द्वारा किया गया है। न ही उन्हें किसी तरह की जानकारी दी जा रही है। वैक्सीनेशन के बाद कुछ लोगों के हाथ में सूजन और अन्य तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं। 


वैक्सीन लगाने से पहले किसी तरह की जानकारी नहीं दी :

रहवासी बबीता धाकड़ ने बताया कि उन्हें 1 दिसंबर को वैक्सीन दी गई है, जो कि पीपुल्स मेडिकल कॉलेज की टीम द्वारा लगाई गई। बबीता के मुताबिक उन्हें इसके लिए 750 रुपए की राशि भी दी गई।

लेकिन वैक्सीन लगाने से पहले किसी भी तरह की कोई जानकारी मेडिकल टीम द्वारा उन्हें नहीं दी गई। इसके पहले उन्हें पिछले माह भी वैक्सीन का एक डोज दिया जा चुका है, जिसके लिए उन्हें 750 रुपए का भुगतान किया गया। उनके परिवार में उनके 20 वर्षीय बेटे को भी वैक्सीन लगाई गई है।

 

टीका लगवाने के बाद हाथ में है दर्द : 
शंकर नगर की ही हीरा बाई बताती हैं कि उन्हें भी मेडिकल टीम द्वारा टीका लगाया गया है। एक टीका पिछले माह 1 दिसंबर को दिया गया था। अब 30 दिन बाद 1 जनवरी को दूसरा टीका लगाया गया।
टीका लगवाने के बाद से ही हाथ में हलचल कम हो गई है। पिछले 5 दिनाें से दर्द लगातार बढ़ रहा है। टीका लगवाने के बाद टीम द्वारा कोई फॉलोअप भी नहीं लिया गया। हीरा बाई की 19 वर्षीय बेटी को भी टीका लगाया गया है। हालांकि उसे किसी तरह का साइड इफेक्ट नहीं है। 

1 माह से बस्ती में घूम रही मेडिकल वैन :
यहां के रहवासियों ने बताया कि पिछले 1 माह से बस्ती में मेडिकल कॉलेज की वैन घूम रही है, जिससे जानकारी दी जाती है कि टीकाकरण का हिस्सा बनने वाले लोगों को 750 रुपए की राशि दी जाएगी। साथ ही वैक्सीनेशन का हिस्सा बन रहे लोगों को शपथ पत्र पर साइन करने के बाद उसकी प्रति भी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
वैक्सीनेशन के बाद केवल एक पार्टिसिपेंट की डायरी ही दी गई है। रहवासियों के अनुसार वैक्सीनेशन के बाद कई लोगों में उल्टी, शारीरिक कमजोरी और भूख न लगने जैसे दुष्प्रभाव भी सामने आ रहे हैं। 

इस हफ्ते कुछ अन्य लोगों को भी लगाया जाएगा टीका : 
वहीं बस्ती में अब भी कई लोग ऐसे हैं, जिन्हें अगले एक सप्ताह में वैक्सीनेशन के लिए पीपुल्स मेडिकल कॉलेज जाना है। उड़िया बस्ती की सविता ने बताया कि वे अपनी मर्जी से वॉलेंटियर नहीं बनीं।
उन्हें इंजेक्शन लगवाने के लिए मेडिकल टीम लेकर गई। पिछला टीका दिसंबर की 10 तारीख को लगाया है, जबकि अगला इसी महीने की 10 तारीख को लगेगा। वहीं इस विषय पर जब पीपुल्स मेडिकल कॉलेज की टीम से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क ही नहीं हो सका। साथ ही Agnito Today ने जब इस विषय पर कलेक्टर भोपाल अविनाश लवानिया से फोन पर संपर्क किया, तो उनसे बात नहीं हो सकी।    
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