भोपाल में कोरोना से बच गए तो हमीदिया रोड की धूल ले लेगी जान, सड़क की अव्यवस्थित खुदाई आम लोगों के लिए बनी भारी परेशानी

भोपाल की सबसे व्यस्तम सड़क हमीदिया रोड पर जाते वक्त आप मास्क जरूर लगा लें। इसका कारण कोरोना महामारी नहीं, बल्कि यहां दिन भर उड़ने वाली खतरनाक धूल है। एक सप्ताह पहले सीवेज लाइन डालने के नाम पर खोदी गई सड़क का डामरीकरण पीडब्ल्यूडी अब तक नहीं कर पाया है, जिसके कारण यहां धूल उड़ रही है। धूल का स्तर इतना ज्यादा है कि रात के समय 5 से 10 फीट दूर खड़े वाहन भी नहीं दिख रहे हैं। 


पुराने भोपाल और नए भोपाल को जोड़ने वाले इस मार्ग से प्रति घंटा 40 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही होती रहती है। आम दिनों में भी हमीदिया रोड के प्रदूषण का स्तर भोपाल में सर्वाधिक होता है। ऐसे में खुदाई के बाद यहां के हालात बहुत खराब हैं। यहां के दुकानदारों के अनुसार खुदाई के कारण उड़ने वाली धूल से उनकी आंखे जल रही हैं और कुछ लोगों को सांस लेने में दिक्कत की भी शिकायत है। वहीं दो पहिया वाहन चालक खराब सड़क के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदकर बैठे हुए हैं। 

जीरा गिट्‌टी और पानी डाली जिम्मेदारी भूल गए अधिकारी : 
खुदाई के बाद दिन भर उड़ रही धूल की शिकायत जब स्थानीय व्यापारियों ने जिम्मेदार अधिकारियों से की तो सड़क पर जीरा गिट्‌टी डालकर जिम्मेदार अधिकारी सो गए। इसके बाद यहां से निकल रहे दो पहिया वाहन चालक दिन भर गिट्‌टी में फंसकर गिरते रहे। वहीं यहां से दिन भर भारी वाहनों की आवाजाही भी लगी रहती है, जिसके कारण बड़ी दुर्घटना का डर भी अक्सर बना रहता है। 


दिन भर उड़ रही धूल को दबाने के लिए गुरुवार सुबह पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क पर पानी का छिड़काव कराया गया, लेकिन इसके बाद वाहन चालक सड़क पर हुई कीचड़ के कारण परेशान दिखे। राहगीराें और दुकानदारों के अनुसार सबसे ज्यादा समस्या इस सड़क पर चलने वाले भारी वाहनों से है। भारी वाहनों के कारण उड़ने वाली धूल के कारण दो पहिया चालक सबसे ज्यादा पीड़ित हैं।

छोला से नादरा बस स्टैंड को जोड़ने वाली सड़क भी खराब :
कुछ ऐसे ही हालात छोला से नादरा बस स्टैंड को जोड़ने वाली सड़क के हैं। यहां भी सीवेज लाइन डालने के नाम पर जगह-जगह सड़क को खोद दिया गया है। खुदाई के बाद विभाग ने पैचवर्क न करते हुए सड़क किनारे जीरा गिट्‌टी डाल दी है। जिसने हालात को और खराब कर दिया है। जीरा गिट्‌टी के कारण दो पहिया वाहन सवार फिसल रहे हैं।


इस सड़क के भी दोनों ओर खुदाई कर दी गई है, जिसके कारण यहां दिन भर जाम के हालात रहे। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त भी हुए, जिसके कारण उन्हें चोट भी आई है। 

व्यापारी बोले डाॅक्टर से लेनी पड़ रही है सलाह : 
जहां सीएम शिवराज सिंह चौहान भोपाल को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। वहीं उनके अधिकारी उनके विजन को मिट्‌टी में मिला रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार यदि यह स्थिति रहे तो इससे दमे और एलर्जी के पेशेंट बढ़ सकते हैं। वहीं जिन लोगों को कोरोना हुआ है। उनके लिए यह स्थिति बहुत खतरनाक साबित हो सकती है। इस तरह की धूल ऐसे पेशेंट्स की जान भी ले सकती है। 


इस संबंध में स्थानीय व्यापारी ईश्वर दलवानी का कहना है कि कंस्ट्रक्शन का सारा काम रात काे हो रहा है, जिसके कारण संबंधित अधिकारी से बात नहीं हो पाई है, लेकिन इस समस्या के कारण दिन भर दुकान पर बैठना मुश्किल हो रहा है। वहीं एलर्जी के कारण डॉक्टर से ट्रीटमेंट तक लेना पड गया है। 

कोरोना पेशेंट्स के लिए खतरनाक है यह स्थिति : 
डॉक्टर चंचल कुमार जैन के अनुसार जिन लोगों को कोरोना हुआ है और वे अभी ठीक हुए हैं। उनके लिए यह स्थिति बहुत खतरनाक है। कोरोना के कारण लोगों के फेफड़े पहले से ही कमजोर हो चुके हैं। ऐसे में उन लोगों के लिए यह स्थिति ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। साथ ही इस तरह की धूल से त्वचा रोग, सांस लेने में तकलीफ, छाती में इंफेक्शन, दमा, बार-बार सर्दी-खांसी होना, एलर्जिक ब्रोंकाइटिस, एलर्जिक राइनाइटिस की शिकायत हो सकती है।

वहीं यदि लगातार यह स्थिति बनी रही तो यह रेग्युलर स्मोकिंग की ही तरह खतरनाक है, जिससे फेफड़े खराब होने की शिकायत हो सकती है। 

यहां भी मास्क और सन ग्लासेस देंगे सुरक्षा :  
डॉ. जैन के अनुसार सबसे पहले तो ऐसे इलाकों में जानें से बचें। यदि किसी कारण जाना भी पड़ रहा है, तो इन इलाकों में ज्यादा देर तक न रुकें। वहीं सबसे ज्यादा सुरक्षा मास्क और सन ग्लासेस ही देंगे। वहीं कोरोना की ही तरह बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं इस तरह के स्थान पर जानें से बचें। श्वांस रोगी ऐसे क्षेत्रों में न जाएं।

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