भोपाल में 30 हजार स्वास्थ्य कर्मचारियों को सबसे पहले लगेगी कोरोना वैक्सीन, टीकाकरण की तैयारी पूरी

एक ओर भोपाल में कोरोना वैक्सीन के ट्रायल पर हुआ फर्जीवाड़ा पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर मप्र सरकार ने भी 16 जनवरी से पूरे प्रदेश के साथ भोपाल में भी कोरोना के टीकाकरण की तैयारियां पूरी कर ली हैं। मप्र में 13 जनवरी को कोरोना वैक्सीन की पहली खेप प्रदेश के चार जिलों में पहुंच रही है। पहली खेप में भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर वैक्सीन पहुंचाई जा रही है, जिन्हें 24 घंटे के भीतर प्रदेश के अन्य जिलों तक भी पहुंचाने की तैयारी है। 

वहीं राजधानी भोपाल में 80 स्वास्थ्य केंद्रों पर कोरोना वैक्सीन दी जाएगी। पहले चरण में केवल स्वास्थ्य कर्मियों काे ही टीका लगाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक पहले चरण में 30 हजार स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना का टीका लगाया जाएगा। यह प्रक्रिया 3 से 5 दिन में पूरी कर ली जाएगी। 

पहले खेप में 5 लाख कोरोना वैक्सीन मध्य प्रदेश पहुंच रही है। प्रदेश में वैक्सिनेशन का पहला चरण 16, 18, 20 और 23 जनवरी को होगा। पहले चरण में वैक्सीन प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट हेल्थ वर्करों को लगाई जाएगी और इसके बाद फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स पुलिसकर्मियों और सफाईकर्मियों को लगाई जाएगी।

सभी अस्पतालों में ही होगा वैक्सीनेशन : 
जानकारी के अनुसार वैक्सीनेशन शहर के सभी प्रमुख अस्पतालों में ही होगा। इनमें शासकीय अस्पतालों के साथ ही निजी चिकित्सालय, एम्स और रेलवे के अस्पताल भी शामिल हैं। पहले चरण के वैक्सीनेशन के लिए सभी 30 हजार स्वास्थ्य कर्मचारियों को चिन्हित भी कर लिया गया है। इन सभी को एसएमएस के जरिए स्वास्थ्य केंद्र की जानकारी दी जाएगी। सभी वैक्सीन सेंटर पर वैक्सीनेशन के 126 सेशन प्रस्तावित किए गए है।


जेपी में बनेगा कोल्ड स्टोरेज : 
वैक्सीन के लिए कोल्ड स्टोरेज जेपी हॉस्पिटल में तैयार किया जा रहा है। यहीं से सभी वैक्सीन सेंटर पर वैक्सीन भेजी जाएगी। इसके लिए स्मार्ट सिटी में कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार कंट्रोल रूम से सभी चिन्हित क्षेत्रों पर नजर रखी जाएगी, जिससे सभी जगहों पर एक साथ वैक्सीनेशन किया जा सकेगा। वहीं एक दिन में 8 से10 हजार लोगों काे वैक्सीन लगाए जाने की तैयारी की जा रही है। 
5 चरणों में पूर्ण होगा वैक्सीनेशन : 
वैक्सीनेशन की प्रक्रिया सभी स्थानों पर 5 चरणों में पूर्ण होगी और इस दौरान कंट्रोल रूम सब जगहों पर नजर रखेगा। पहले चरण में पार्टिसिपेंट के एसएमएस को देखा जाएगा। उसके बाद पहचान पत्र दिखाने को कहा जाएगा। इन दोनों की जांच के बाद वैक्सीन लगाया जाएगा। वैक्सीनेशन के बाद पार्टिसिपेंट को 30 मिनिट तक डॉक्टर्स के ऑब्जर्वेशन में रहना होगा। उसके बाद वे घर जा सकेंगे। सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों की जांच करने की जिम्मेदारी विभिन्न सरकारी अधिकारियों को दी गई है।  

वहीं वैक्सीन को आइस  बॉक्स में लाया जाएगा। पहले चरण में सभी स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाई जा रही है। उसके बाद फ्रंट लाइन वर्कर्स को वैक्सीन लगाई जानी है, जिनमें पुलिस और अन्य बल शामिल हैं। इसके बाद अन्य लोगों को वैक्सीन लगाई जानी है। आम लोगों में सबसे पहले 50 साल से अधिक उम्र के लोगों को पहले वैक्सीन लगाई जानी है। 
 
वहीं एक सेंटर पर लगभग 100 लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। वैक्सीनेशन के बाद अगले दिन अवकाश रखा जाएगा। अर्थात पहले फेस के वैक्सीनेशन में 16, 18 ,20 और 23 जनवरी को टीका लगाए जाने की तैयारी है। गौरतलब है कि वैक्सीन लगवाने के लिए सबसे पहले पार्टिसिपेंट को COWIN APP पर जानकारी अपलोड करनी होगी।

मप्र में 4.2 करोड़ वैक्सीन हो सकती हैं स्टोर :

मप्र सरकार ने पूरे प्रदेश में 4.2 करोड़ वैक्सीन स्टोर करने की व्यवस्था कर ली है। मप्र में 302 स्वास्थ्य केंद्रों और 1149 पॉइंट्स पर टीकाकरण होगा। भोपाल की तरह अन्य जिलों में भी वैक्सीनेशन सुचारू रूप से चले इसके लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। 

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