मप्र में भारी बारिश के कारण जल प्रलय सी स्थिति बन गई है। सबसे ज्यादा खराब हालात ग्वालियर चंबल अंचल के हैं। शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, ग्वालियर, भिंड, मुरैना और रीवा में बाढ़ के कारण लोग घर छोड़ने को मजबूर हो गए है। चंबल, क्वारी, महुअर, सिंध और पार्वती सहित तमाम नदी नाले उफान पर हैं। हालात इतने खराब हैं कि शिवपुरी और दतिया में बचाव कार्य के लिए हेलीकॉप्टर को लगाया गया है। लेकिन खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर भी उड़ान नहीं भर पा रहे हैं। 

गृहमंत्री ने संभाली कमान : 
लोगों को संकट में देख गृहमंत्री (Home Minister Madhya Pradesh) डाॅ. नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra) ने अपने विधानसभा क्षेत्र दतिया (Datia) में कमान संभाल ली है। खराब मौसम के कारण ट्रेन से ही भोपाल से दतिया के लिए रवाना हो गए। दरअसल हेलीकॉप्टर का उड़ान भर पाना संभव नहीं था। वहां पहुंचते ही वे अधिकारियों के साथ राहत और बचाव कार्यो में जुट गए।
 


हालात खतरनाक होने के बाद नाव में सवार होकर पीड़ितों के बीच पहुंचे। डॉ. मिश्रा नाव व कीचड़ भरे रास्तो से कई राहत शिविरों में पहुंचे। लोगो से बात की और इंतज़ाम देखे। डॉ. मिश्रा के निरन्तर कीचड़ और पानी में घूमने के कारण कपड़े और जूते खराब हो गए।

इस दौरान वे नंगे पांव ही आगे चल दिए। इस बीच उन्हें पता चला कि गोराघाट के एक गांव मे कई लोग फंसे हैं। वह तुरंत नंगे पांव ही सेना के हेलीकाप्टर से वहां पहुंचे ओर जवानों की मदद से वहां फंसे लोगो को बचाने में जुट गए।

तेज बहाव में बह गए दो पुल : 
तेज बारिश के कारण शिवपुरी स्थित सिंध नदी खतरनाक तरह से उफन रही है। इस कारण नदी पर रतनगढ़ का पुल और लांच पुल तेज बहाव में बह गए। रतनगढ़ पुल 10 साल पहले करीब 10 करोड़ की लागत से बनाया गया था। वहीं लांच पुल भी 4 साल पहले ही 7 करोड़ की लागत से बनाया गया था। इस तरह से तेज बारिश ने प्रदेश में भ्रष्टाचार की परतें खोल दीं। 
इसके अलावा शिवपुरी में भारी बाढ़ और बरसात के बीच एबी रोड फोरलेन नेशनल हाइवे (AB Road National Highway) धंसने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि शिवपुरी के पास एबी रोड में एक पूरा का पूरा ट्रक हाईवे में समा गया है। जिसने भी ट्रक को जमीन में धंसे हुए देखा दांतों तले उंगली दबा ली। 

1100 से ज्यादा गांव पानी में : 
वर्तमान में अंचल के 300 से ज्यादा गांव बाढ़ से पूरी तरह से घिर गए हैं, जबकि 1100 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और वायुसेना के बाद सेना को भी बचाव कार्य में लगा दिया गया है। बताया जा रहा है कि अब तक 2 हजार से ज्यादा लोगों को खतरे के बीच से निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचा दिया गया है। 

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