कबूतरों के बाद कराेंद में मर रहे बगुले, दहशत में आए रहवासी

भोपाल के करोंद क्षेत्र में तीन सप्ताह से पक्षियों की रहस्यमयी मौत लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। लगभग 20 दिन पहले करोंद के नवीबाग क्षेत्र स्थित सेंट जॉर्ज को-एड स्कूल में कबूतरों की रहस्यमयी मौत के बाद मंगलवार रात से करोंद के विश्वकर्मा नगर में बगुलों का मरना जारी है। जानकारी के मुताबिक विश्वकर्मा नगर में रहने वाले एचपी मालवीय दूरसंचार विभाग में कार्यरत हैं।

मालवीय के अनुसार उनके घर के सामने स्थित पीपल के पेड़ पर विभिन्न प्रजाति के पक्षियों का निवास है। जिनमें कई प्रवासी पक्षी भी शामिल है। वे जब से इस मकान में रह रहे हैं, तब से हर वर्ष सर्दी के मौसम में पीपल पर बगुले आकर रहने लगते हैं। जिन्हें रात के समय यहां आराम करते हुए देखा जा सकता है। 


एक सप्ताह से ही मर रहे हैं बगुले : 
मालवीय बताते हैं कि पिछले एक सप्ताह से बगुले तड़प-तड़प कर पेड़ से गिर रहे हैं और कुछ देर बाद इनकी मौत हो जाती। ऐसी ही कुछ घटना बुधवार सुबह को भी हुई। बुधवार को अचानक दो बगुले इसी तरह से मर गए। अचानक हुई इस तरह की घटना के बाद वे और उनके परिवार के लोग दहशत में आ गए।

इसकी जानकारी एचपी मालवीय ने कॉलोनी समिति को दी, जिसके बाद मामला नगर निगम तक पहुंचा। मौके पर पहुंची नगर निगम की गाड़ी दोनों बगुलों के शव जांच के लिए उठाकर ले गई। पिछले एक सप्ताह से हो रही इस घटना के बाद से रहवासी अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं।  

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घटना के बाद से रहवासी हुए चौकन्ने : 
कॉलोनी के एक अन्य रहवासी कुणाल परियानी ने बताया कि इसके पहले भी क्षेत्र में कुत्तों और कबूतरों के मरने की बहुत सी घटनाएं हुई हैं, लेकिन रहवासियों ने इन्हें अब तक गंभीरता से नहीं लिया था। मंगलवार-बुधवार को हुई इस घटना के बाद रहवासी चौकस हो गए हैं। ताकि यदि किसी तरह की समस्या है तो उससे बचाव का तरीका पहले ही ढूंढ लिया जाए, जिससे भविष्य में किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके। 


बावड़िया कला में भी मरे थे कबूतर : 
बावड़िया कला स्थित महेन्द्रा सिटी में रहने वाली स्मिता शुक्ला ने बताया कि उनके घर में भी मंगलवार देर रात एक कबूतर फड़फड़ाने लगा और अचानक गिर गया। जिसके बाद इसकी जानकारी उन्हाेंने कॉलोनी समिति के लोगों को दी।

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