जून 2022 तक तैयार होगा करोंद आरओबी, रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से मिलेगी मुक्ति

करोंद से भोपाल टॉकीज आने वाली सड़क राजधानी भोपाल की सबसे व्यवस्ततम सड़कों में से एक है और निशातपुरा क्षेत्र में स्थित रेलवे क्रॉसिंग यहां के लोगों के लिए एक अभिशाप है। इस अभिशाप से मुक्ति दिलाने के लिए जल्दी ही यहां पर 15 करोड़ की लागत से रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण किया जा रहा है।

हालांकि इससे पहले यहां पर एक रेलवे अंडर ब्रिज का निर्माण भी कराया जा चुका है। लेकिन 5.68 करोड़ की लागत से बने अंडर ब्रिज में हमेशा पानी ही भरा रहता है, जिसके कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्रॉसिंग पर आरओबी बनने से यहां लगने वाले भारी जाम से लोगों को निजात तो मिलेगी। साथ ही क्रॉसिंग को जल्दी क्रॉस करने में होने वाली दुर्घटनाओं पर भी लगाम लग जाएगी। 

लोग सालों से मांग कर रहे ओवर ब्रिज की : 
पिछले 3 दशकों में करोंद और इसके आसपास विकसित होने वाली कॉलोनियों के बाद यहां ट्रैफिक तेजी से बड़ा है। दो पहिया और चार पहिया वाहन के अलावा यहां बड़ी संख्या में पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन की गाड़ियां भी दिनभर दौड़ती रहती हैं। जिसके कारण इस सड़क पर वाहनों का दबाव बहुत अधिक है।

(निशातपुरा रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है)

इस दबाव के के साथ ही निशातपुरा पर स्थित रेलवे लाइन यहां के लोगों के लिए एक बहुत बड़ी समस्या है। इस ट्रैक से होकर दिन भर गाड़ियां निकलती रहती हैं, जिसके कारण सड़क के दोनों ओर भारी जाम लग जाता है। इस जाम की समस्या के समाधान के लिए यहां के रहवासी सालों से रेलवे ओवर ब्रिज की मांग कर रहे थे। 

कुछ ऐसा होगा करोंद आरओबी :  
1.5 साल में बनकर होगा तैयार
750 मीटर लंबा होगा नया आरओबी
8.40 मीटर होगी चौड़ाई
136 मीटर हिस्से को रेलवे बनाएगा

5.68 करोड़ का अंडरब्रिज भी हो गया फेल : 
इस समस्या के समाधान के लिए लोग सालों से इस क्षेत्र में आरओबी की मांग करते आ रहे थे।  जिसके बाद इस समस्या के समाधान के लिए 2008 में यहां पर रेलवे अंडर ब्रिज बनाया गया। इस दौरान लगभग 8 सालों तक लोगों को आश्वासन ही मिलता रहा। साल 2016 में यहां फिर से अंडर ब्रिज बनाने की पहल हुई और 2018 में यह बनकर तैयार हुआ

(वर्तमान में करोंद आने जाने के लिए लक्ष्मी नारायण शर्मा अनाज मंडी से होकर आया जा सकता है)

इस दौरान बारिश के दौरान होने वाला जलभराव भी एक नई समस्या के रूप में सामने आया। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने यहां कई बार धरने प्रदर्शन भी किए, जिसके बाद गत दिनों यहां पर रेलवे आरओबी बनाने की नींव रख दी गई। 

यह भी पढ़ें : हमीदिया की नई बिल्डिंग में सारे ब्लॉक आपस में होंगे कनेक्टेड, जून तक पूरा होगा काम

इन क्षेत्रों को होगा फायदा : 
भोपाल टॉकीज चौराहा से बैरसिया रोड, विदिशा रोड और अयोध्या बायपास की ओर जाने के लिए वाहन चालक इस रोड का बहुत ज्यादा उपयोग करते हैं। यही वजह है कि इस रोड पर ट्रैफिक ज्यादा रहता है। इस आरओबी के बनने से इन क्षेत्रों में स्थित काॅलोनी वालों को बहुत अधिक फायदा होगा।

(दो पहिया वाहन आसानी से फाटक क्राॅस कर आ सकें। इसके लिए कुछ जगह पीडब्ल्यूडी ने छोड़ी हुई है)

जिनमें मुख्य रूप से करोंद हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, गैस राहत कॉलोनी, नवीन नगर, बैरसिया रोड, आरिफ नगर, डीआईजी बंगला, जेपी नगर, चौकसे नगर, कैंची छोला, काजी कैंप और इसके आसपास के इलाके शामिल हैं। 

हमारा लक्ष्य तय समय सीमा में गुणत्तापूर्ण निर्माण पूरा करना है। हम रेलवे के भी संपर्क में हैं, ताकि उनका हिस्सा भी समय पर पूरा हो और लोगों को जल्द सौगात मिल सके।
- जावेद शकील, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर,
  पीडब्ल्यूडी(ब्रिज सेक्शन)

 Latest Stories