एमपी बोर्ड दो बार लेगा 10वीं और 12वीं के छात्रों के एग्जाम, सप्लीमेंट्री आने पर भी नहीं देना होगा एग्जाम

कोरोना महामारी का असर हर क्षेत्र पर पढ़ा है। पढ़ाई भी इससे अछूती नहीं रही है। इसी कारण मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं के छात्रों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा पैटर्न में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। एमपी बोर्ड ने छात्रों को राहत देते हुए इस बार 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं दो बार आयोजित करने का बड़ा फैसला लिया है।
 
 
छात्र दोनों में से किसी एक परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। हालांकि दूसरी बार होने वाली परीक्षा में शामिल होने के लिए उन्हें अलग से आवेदन करना होगा। बोर्ड के अनुसार पहली बार की परीक्षा 30 अप्रैल से 15 मई और दूसरी बार की परीक्षा 1 जुलाई से 15 जुलाई के बीच आयोजित की जाएगी।
 
 
18 लाख छात्रों के परीक्षा में बैठने की उम्मीद : 
कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए बोर्ड द्वारा यह फैसला लिया गया है। हालांकि दूसरी बार की परीक्षा में बैठने के इच्छुक छात्रों को अलग से आवेदन करना होगा। जानकारी के मुताबिक 10वीं और 12वीं में इस बार कुल 18 लाख छात्रों के परीक्षा में बैठने की उम्मीद है। जिसमें से 12.50 लाख छात्र 10वीं और 7.50 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा देंगे। 
 

सप्लीमेंट्री आने पर नहीं देनी होगी परीक्षा : 
वहीं 2020-21 सत्र में बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को सप्लीमेंट्री आने पर भी सप्लीमेंट्री एग्जाम देने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। अंकसूची में भी सप्लीमेंट्री मेंशन नहीं की जाएगी और न ही स्टार का मार्क लगाया जाएगा। यदि छात्र बोर्ड एग्जाम में फेल हो जाता है तो वह तीन माह बाद फिर से एग्जाम दे सकेंगे। 


वहीं किसी विषय में कम अंक आने पर छात्र को उसी विषय में फिर से परीक्षा देने की पात्रता होगी। यदि छात्र सभी विषयों की परीक्षा फिर से देना चाहे तो भी उसे मौका दिया जाएगा। इतना ही नहीं छात्र को जिस परीक्षा में अंक ज्यादा मिले होंगे। उसी परीक्षा को मान्य किया जाएगा। 
 

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