बेसहारा लाेगों और बेजुबान जानवरों पर आधी कमाई खर्च कर देते हैं भोपाल के अयान

ठंड में ठिठुर रहा कोई गरीब हो, या गंभीर बीमार कोई भिखारी। हादसे में घायल कोई जानवर हो या भूख से तड़प रहा कोई वन्यप्राणी। इन सबके लिए एक फरिश्ता है भोपाल का अयान खान। 25 साल का यह नौजवान अक्सर आपको सड़क किनारे किसी जानवर का इलाज करते या किसी बेसहारा को अस्पताल पहुंचाते हुए दिख जाएगा।

(अयान इसी बाइक पर कुत्तों को रेस्क्यू करते हैं)

इतना ही नहीं अयान अपनी आधे से ज्यादा कमाई गरीब और बेसहारा लोगों के इलाज पर खर्च कर देते हैं। साथ ही बीमार जानवरों को दवा और खाना पहुंचाना भी इनका रोज का काम है। पिछले 6 सालों से उनकी ये सेवा निरन्तर जारी है। इस दौरान वे 6 हजार से ज्यादा जानवरों को रेस्क्यू कर चुके हैं। साथ ही सैकड़ों गरीब लोगों का भी इलाज कर चुके हैं।
ठंड में तड़पते भिखारी को देख बदल गया मन :
Agnito Today से बातचीत में अयान ने बताया कि 6 साल पहले वे दिसम्बर की एक रात में कहीं जा रहे थे। इस दौरान उन्हें एक गरीब आदमी ठंड से तड़पता हुआ मिला। उसे गर्म कपड़े देने के बाद अयान का जीवन पूरी तरह से बदल गया। मौज मस्ती की जगह सेवा को उन्होंने अपनी ज़िन्दगी का हिस्सा बना लिया।
इसके बाद एक रात तेज रफ्तार बाइक सवार ने एक कुत्ते को बुरी तरह घायल कर दिया। दर्द से तड़पते बेजुबान का दर्द अयान से सहा न गया और उन्होंने घायल जानवरों का इलाज करना भी शुरू कर दिया। 

(सड़क किनारे रहने वाले एक गरीब आदमी के सर के जख्म से कीड़े निकालते हुए अयान। दूसरे फोटो में बंदरों को खाना देते हुए)
सड़ चुके अंगों से निकालते हैं कीड़े, लगाते हैं मरहम :
सड़क किनारे रहने वाले गरीब लोगों के शरीर के सड़ चुके अंगों से अयान कीड़े निकालकर उनकी मरहम पट्टी भी करते हैं। ऐसे कई लोग जिनके पैर, हाथ और सर में मैगेट्स पड़ गए थे। उनका इलाज कर अयान उन्हें ठीक कर चुके हैं। लेकिन उन्हें इस बात का दुःख भी है कि डॉक्टर तक इन लोगों का इलाज नहीं करते हैं, मजबूरी के कारण उन्हें ये काम करना पड़ता है। 

(जानवर कोई भी हो अयान हर जानवर का इलाज बड़े ही प्यार और लगन से करते हैं)
जानवरों का दर्द देखते देखते बन गए वेजिटेरियन, ईद पर देते हैं केक के बकरे की कुर्बानी :
अयान बेजुबानों का इलाज करते करते इतने बदल गए कि उन्होंने नॉन वेज खाना तक छोड़ दिया। बेजुबानों के दर्द को देखते देखते उन्होंने ईद में भी बकरे की कुर्बानी करना बंद कर दी। इसकी जगह पर अयान हर साल ईद पर केक का बकरा बनवाकर उसकी कुर्बानी देते हैं। साथ ही लोगों से अपील करते हैं कि यदि सड़क हादसे में कोई जानवर घायल हो जाए, तो वे उसका इलाज करवाएं। या जानवरों के लिए काम करने वाली संस्था या लोगों को इसके बारे में जानकारी जरूर दें।


(लॉकडाउन के दौरान कुत्तों को खाना देते हुए और दूसरे फोटो में एक घायल कुत्ते को इलाज के लिए ले जाते हुए)


लाकडॉउन के दौरान भी अयान ने रोजाना घंटों तक जानवरों के लिए काम किया। इस दौरान वे खाना और पीने का पानी लेकर निकलते और जानवरों को देते। भोपाल के साथ ही उन्होंने रायसेन और विदिशा जाकर भी जानवरों को खाना दिया। उनके इस काम को सोशल मीडिया पर खूब सराहा गया। 

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