जोगेंदर ने 15 एकड़ में 17.50 लाख खर्च कर लगाई केले की फसल, भाव लगा 1 करोड़

रायसेन जिले की बाड़ी तहसील में स्थित ग्राम केवलाझिर के किसान करोड़पति होने जा रहे हैं। दरअसल जोगेंदर ने लॉकडाउन के दौरान जुलाई में 15 एकड़ में केले के पौधे लगाए थे। उन्होंने अब तक कुल 17.50 लाख रुपए फसल पर खर्च किए हैं और मई तक लगभग 19 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है, लेकिन वर्तमान स्थिति में ही उनकी फसल की 1 करोड़ रुपए कीमत लगा दी गई है। 

फसल का तना देख व्यापारियों ने लगाई अच्छी कीमत : 


जानकारों के अनुसार फसल आने के चार से पांच माह पहले ही केला व्यापारी केले के तने के आकार को देखकर फसल की कीमत लगाते हैं। उनकी फसल को देख दिल्ली के एक व्यापारी ने 90 लाख रुपए कीमत लगा दी है। वहीं एक अन्य व्यापारी ने इसके लिए उन्हें एक करोड़ रुपए तक देने की बात कही है। 

जोगेंदर के अनुसार इस बार कई किसान इस सीजन में केले की खेती नहीं कर रहे हैं। इससे जून-जुलाई में केले की मांग तेजी से बढ़ेगी।  इस कारण जोगेंदर को फसल के 1.20 करोड़ रुपए मिलने की संभावना है। 

सिंचाई के लिए ड्रिप तकनीका का उपयोग कर रहे जोगेंदर : 
जोगेन्दर इस बार 15 एकड़ में केले की खेती कर रहे हैं। साथ ही सिंचाई के लिए ड्रिप पद्धति का उपयोग किया है। इससे प्रत्येक पेड़ को आवश्यक पानी मिला है और पानी की खपत भी कम हुई है। उन्होंने प्रत्येक एकड़ में लगभग 1725 केले के पौधे लगाए हैं और सभी पौधों के बीच पांच फिट की दूरी रखी है। ऐसे में प्रत्येक पौधे को पनपने के लिए पर्याप्त स्थान मिला है।

विशेषज्ञों की मानें तो हर पौधे में लगभग 25 से 45 किलो तक फल लगने की संभावना है और गुणवत्ता अच्छी होने पर फल 15 रुपए प्रति किलो के भाव से बिकेगा। यही कारण है कि जोगिंदर फसल के 1.20 करोड़ रुपए मांग रहे हैं। 

जून-जुलाई तक अच्छे भाव मिलने की उम्मीद : 
लॉकडाउन में मजदूरों की कमी और केले की डिमांड कम होने के कारण ज्यादातर किसानों ने इस बार केले की खेती नहीं की, जबकि जोगेंदर ने इसी को समझते हुए 15 एकड़ की फसल में केले की खेती की। यही कारण है कि अगले तीन से चार माह में केले की मांग तेजी से बढ़ेगी और जोगेंदर को मुनाफा बढ़ने की भी उम्मीद है। 

जोगेंदर के अनुसार अगले तीन माह अधिक सावधानी के साथ काम करने की जरूरत है। इसी कारण वे अब भी नियमित रूप से अनुभवी किसानों और विशेषज्ञों से बारीक से बारीक जानकारी ले रहे हैं।

प्रगतिशील किसान के रूप में जाने जाते हैं : 


जोगेन्दर सिंह को जिले में प्रगतिशील किसान के रूप जाना जाता है। वे हमेशा खेती की नवीन तकनीकों एवं संसाधनों का उपयोग करते रहते हैं। जोगेन्दर बताते हैं कि वे पहली बार ही केले की खेती कर रहे हैं। इससे पहले उन्हें केले की खेती करने का न तो कोई अनुभव है और न ही इस क्षेत्र से कोई और किसान केले की खेती कर रहे हैं।

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