रोजाना तीन स्वरूप बदलते हैं मरघटिया के महावीर, यहां हाेता है हर समस्या का समाधान 

हनुमान जी को कलयुग का देवता माना गया है। आज के समय में हनुमान जी से जुड़े हुए कई चमत्कार सुनने को मिलते हैं। राजधानी भोपाल में भी हनुमान जी का एक ऐसा मंदिर है, जो रहस्यों से भरा है। मान्यता है कि रामभक्त हनुमान रोजाना तीन रूप बदलते हैं। माना जाता है कि हनुमान जी के इस मंदिर में एक बार आने मात्र से ही बड़ी से बड़ी समस्या का निदान पल भर में हो जाता है।

150 वर्ष पूर्व स्वयं प्रकट हुए मरघटिया के महावीर : 
हम बात कर रहे हैं शाहजहांनाबाद स्थित मरघटिया महावीर हनुमान जी की, जहां स्थित प्राचीन हनुमान प्रतिमा के प्रति भक्तों की अनन्य श्रद्धा है। हनुमान जी की इस प्रतिमा को स्वयं-भू माना जाता है। लगभग 150 वर्ष पूर्व एक उदासीन संत सूरदास जी ने इस स्थान पर कड़ी तप और साधना की, जिसके बाद हनुमान जी ने उन्हें सपने में दर्शन दिए।


सूरदास जी को सपने में हनुमान जी ने खुदाई करने को कहा। बताई गई जगह पर खुदाई करने पर एक कुंआ बन गया, जिसमें से हनुमान जी की प्रतिमा निकली। यह प्रतिमा यहां स्थापित कर दी गई। साथ ही यह कुंआ मंदिर परिसर में आज भी मौजूद है। लोगों के अनुसार उन्होंने इस कुंए को कभी भी सूखा हुआ नहीं देखा है।  

दिन भर में बदलते हैं तीन स्वरूप :
ऐसी मान्यता है कि यहां स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा दिन में तीन बार अपना स्वरूप बदलती है। सुबह को प्रतिमा बाल्यरूप में, दोपहर को युवावस्था में और शाम के बाद वृद्धावस्था में दिखाई पड़ती है। मान्यता है कि हनुमान जी इन तीन रूपों के माध्यम से जीवन चक्र के क्रम की जानकारी देते हैं और संदेश देते हैं कि जीवन नश्वर है, इसलिए मानव को अपना ज्यादा से ज्यादा समय राम भजन में लगाना चाहिए।  

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मरघट में है मंदिर इसलिए नाम पड़ा मरघटिया : 
ऐसी भी मान्यता है कि प्राचीन समय में इस स्थान पर मरघट था। इसलिए इस मंदिर को मरघटिया महावीर के नाम से जाना जाता है। मंदिर परिसर में संस्कृत की एक शाला भी स्थापित की गई है। जहां रोजाना कई छात्र संस्कृत की शिक्षा गृहण करने आते हैं। 

गंगा जमुनी तहजीब की प्रतीक है गौशाला :


मंदिर परिसर में दो गौशालाएं स्थित हैं, जिसमें 250 से ज्यादा गायों की सेवा की जाती है। वहीं नई गौशाला की स्थापना पूर्व मंत्री और उत्तर विधायक आरिफ अकील ने विधायक निधि से करवाई है। स्थानीय लोग बताते हैं कि विधायक आरिफ अकील की मंदिर के भूतपूर्व महंत शंकरदास जी से गहरी मित्रता थी। महंत जी के कहने पर विधायक ने यहां गौशाला का निर्माण करवाया। 

कई देवी देवताओं की होती है पूजा : 


हनुमान जी के अलावा मंदिर में श्रीराम दरबार, भगवान शिव, दुर्गा मां, गणेश जी, भगवान झूलेलाल और राधा कृष्ण दरबार, शनिदेव और चंद्रदेव का भी मंदिर है। 


वर्तमान में मंदिर के महंत कन्हैया दास जी महाराज हैं। सितंबर 2019 में महंत शंकरदास जी महाराज के चोला छोड़ने के बाद मंदिर की जिम्मेदारी महंत कन्हैया दास जी संभाल रहे हैं। 

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